चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है। पर्वत पे बिराजे शेरावाली, हर दिल में समाई है॥ ज्योतां वाली माता, पहाड़ां वाली माता। सब बिगड़े काम बना दे, ओ मैया रानी दाता॥ नवरात्रों में आ जाना, दर्शन देकर जाना। हम भक्तों की झोली भर दे, ओ मैया मेहरबाना॥ मैया तेरे दरबार में, कमी नहीं किसी बात की। जो भी आया दर पे तेरे, झोली भर के जाता है॥ जयकारा शेरावाली दा — बोल सांचे दरबार की जय! जय माता दी, जय माता दी, जय माता दी॥
॥ इति ॥
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