जय शनि देव महाराज, प्रभु जय शनि देव महाराज। कृपा करahu भक्त जन पर, सदा रहो सहाय॥ नीलाभ देह नीला वस्त्र, रत्न मुकुट शिर धारी। तेज प्रताप अति बलवान, दुष्टन को मारी॥ काला वाहन काले वस्त्र, शनि देव विराजे। भक्तन को दर्शन दे, दुःख दारिद्र्य भाजे॥ शनिवार पूजा करे, तेल चढ़ाए भक्त। दीपक जलाए प्रेम से, हर ले कष्ट शक्त॥ जय शनि देव महाराज, प्रभु जय शनि देव महाराज। कष्ट हरो, सुख दो, रखो शरण में॥
॥ इति ॥
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