🪔

Aartidham

Aartis · Chalisas · Mantras

Kubera

Aarti · Kubera

ॐ जय यक्ष कुबेर हरे

ॐ जय यक्ष कुबेर हरे, स्वामी जय यक्ष कुबेर हरे।
शरण पड़े भक्तन के, भण्डार भरे॥ ॐ जय...॥

शिव भक्तों में भक्त कुबेर बड़े हैं।
दैत्य दानव मानव से कई युद्ध लड़े हैं॥ ॐ जय...॥

स्वर्ण सिंहासन बैठे, सिर पर छत्र फिरे।
नौ निधियों के स्वामी हो, प्रभु सब सिद्धि भरे॥ ॐ जय...॥

भांति-भांति के व्यंजन, भोग लगे तेरे।
दक्षिणपथ के स्वामी, धन-वैभव सारे॥ ॐ जय...॥

विश्वकर्मा से निर्मित, अलकापुरी वासी।
अष्ट सिद्धि नौ निधि, तुम ही धन-राशी॥ ॐ जय...॥

कुबेर देव की आरती, जो कोई नर गावे।
कहत प्रेम प्रकाश स्वामी, सुख-संपत्ति पावे॥ ॐ जय...॥
॥ इति ॥

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