🪔

Aartidham

Aartis · Chalisas · Mantras

Krishna

Aarti · Krishna

आरती श्री कृष्ण कन्हैया की

मथुरा कारागृह अवतारी,
गोकुल जसुदा गोद विहारी।
नन्दलाल नटवर गिरधारी,
वासुदेव हलधर भैया की॥
आरती श्रीकृष्ण कन्हैया की॥

मोर मुकुट पीताम्बर छाजै,
कटि काछनि, कर मुरलि विराजै।
पूर्ण सरक ससि मुख लखि लाजै,
काम कोटि छवि जितवैया की॥ आरती श्रीकृष्ण...॥

गोपीजन रस रास विलासी,
कौरव कालिय, कन्स बिनासी।
हिमकर भानु, कृसानु प्रकासी,
सर्वभूत हिय बसवैया की॥ आरती श्रीकृष्ण...॥

कहुँ रन चढ़ै भागि कहुँ जावै,
कहुँ नृप कर, कहुँ गाय चरावै।
कहुँ जागेस, बेद जस गावै,
जग नचाय ब्रज नचवैया की॥ आरती श्रीकृष्ण...॥

अगुन सगुन लीला बपु धारी,
अनुपम गीता ज्ञान प्रचारी।
दामोदर सब विधि बलिहारी,
विप्र धेनु सुर रखवैया की॥ आरती श्रीकृष्ण...॥
॥ इति ॥

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