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Aartidham

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Kali

Mantra · Kali

काली मंत्र

ॐ करालां वदनां घोरां मुक्तकेशीं चतुर्भुजाम्।
कालिकां दक्षिणां दिव्यां मुण्डमाला विभूषिताम्॥

शरणागत-दीनार्त-परित्राण-परायणे,
सर्वस्यार्तिहरे देवि! नारायणि! नमोऽस्तु ते॥

(नित्य श्रद्धापूर्वक जप करें)

॥ अर्थ ॥
घोर स्वरूप वाली, मुक्त केशों वाली, चार भुजाओं वाली और मुण्डों की माला से विभूषित दिव्य देवी कालिका को प्रणाम। हे देवि नारायणि! आप शरणागत और दीन-दुखियों की रक्षा में सदैव तत्पर रहती हैं तथा सबका दुःख हरने वाली हैं, आपको बारंबार नमस्कार है।
॥ इति ॥

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