जय गणेश गिरिजा सुवन। जय गणेश गिरिजा सुवन, भजन बिनु किन मोहि आन॥
जय देव जय देव जय महाराजा। पार्वती पुत्र गणेश तुम साजा॥
कर्धर माला गल सोहहिं स्यामा। शीश मुकुट तन मन्द्र मुरामा॥
राज महाराज राज सुदंता। राजे राजे राज सुदंता॥
एक दंत चार भुज धारी। गणनाथ गिरिजा तनया, तुम सारी॥
जो कोई गावै गणेश चालीसा। ताको सहाय सदा सुखदाई सा॥
॥ इति ॥
दीप जलाने के लिए स्पर्श करें

